शुक्रवार, 22 मई 2026

Paytm का नया फीचर करेगा बच्चों के खर्च कंट्रोल! जानें कैसे काम करता है Pocket Money UPI सिस्टम।।

 

क्या आपका फोन भी आपके बच्चों के हाथ में रहता है। और बच्चे उसे फोन के जरिए ऑनलाइन बैंकिंग ऐप में घुसकर किसी कोई भी गेम परचेस कर लेते हैं या खुद ही ऑनलाइन फूड ऑर्डर कर देते हैं । और अगर आप भी अपने बच्चों के इन खर्चों पर रोक लगाना चाहते हैं। तो पेटीएम ने सभी टीनएजर्स के लिए पेटीएम पॉकेट मनी ऐप लॉन्च कर दिया है। जिसके जरिए हुए बिना बैंक अकाउंट खोले सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। और वह पेमेंट आपके कंट्रोल में भी होगी।

पेटीएम के इस नए फीचर पर पेरेंट्स को बच्चों के खर्चों पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। जिससे कि पेरेंट्स को बच्चों के खर्चे की मंथली लिमिट तय करने और रियल टाइम ट्रैकिंग करने की भी पूरी सुविधा मिलेगी।

 फिंच फॉर्म वन 97 कम्युनिकेशन लिमिटेड पेटीएम ने 18 में सोमवार को आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया है। 


 पेरेंट्स के पास रहेगा खर्च का पूरा कंट्रोल।

 कंपनी के बयान के मुताबिक पेरेंट्स और परिवार के भरोसेमंद सदस्य अपने बच्चों को सुरक्षित और रेगुलेटेड पेमेंट एक्सेस दे सकते हैं।

 और वे अपने पेटीएम एप के जरिए अपने बच्चों के लिए मंथली खर्च की तय सीमा भी निर्धारित कर सकते हैं। इससे फायदा यह होगा कि पेरेंट्स अपने बच्चों के हर एक ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर सकेंगे।


 रोजमर्रा के खर्चों को डिजिटल बनाने की कोशिश

 भारत में टीनएजर्स हर दिन शॉपिंग,मोबाइल रिचार्ज,और मेट्रो का किराया, टोपी की बुकिंग, और स्कूल कॉलेज की कैंटीन जैसे कामों के लिए लगातार डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं। 

 वर्तमान समय में इन खर्चों के लिए बच्चे पूरी तरह अपने पेरेंट्स या कैश पर निर्भर हैं। कंपनी का कहना है कि पेटीएम पॉकेट मनी के जरिए बच्चों को एक सुरक्षित मध्य मिलेगा। जिससे परिवार में छोटी उम्र से ही वित्तीय आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी।


 अब ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं होगी

 इस फीचर के एक्टिवेट होने के बाद बच्चे अपने खुद के फोन में पेटीएम ऐप का इस्तेमाल करके ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट को सुरक्षित upi पेमेंट कर सकेंगे।

इसके लिए अब बच्चों को payment करते टाइम पेरेंट्स से otp मांगने की भी ज़रूरत नहीं होंगी।


 पेटीएम पॉकेट मनी इस तरह करें सेट 

  •  सबसे पहले अपने फोन में अपडेटेड पेटीएम ऐप खोलें और तू मोबाइल कनेक्ट पर टेप करें।
  •  अब एक्टिवेशन प्रोसेस शुरू करने के लिए पॉकेट मनी ऑप्शन पर जाएं और उस कांटेक्ट को सेलेक्ट करें जिसके लिए इसे सेटअप करना है।
  •  इसके बाद उस कांटेक्ट नंबर से लिंक्ड यूपीआई आईडी दर्ज करें या फिर उनका यूपीआई qr कोड दर्ज करें।
  •  अकाउंट सेटअप को आगे बढ़ाने के लिए मांगे गए जरूरी दस्तावेजों को वेरीफाई करें।
  •  अब अपना प्राइमरी बैंक अकाउंट चुने अपना पेटीएम यूपीआई पिन डालें और प्रीसेट या कस्टम ऑप्शन में से कोई एक मंथली लिमिट सेट करें।
  •  सेटअप पूरा होने के बाद यूजर को एक्टिवेशन के लिए इनविटेशन एक्सेप्ट करना होगा यदि अप्प में यह विकल्प नहीं दिख रहा है तो एप स्टोर या प्ले स्टोर से ऐप को अपडेट करें।


 15000 का मंथली केप तय किया गया 

 पेटीएम पॉकेट मनी के तहत सभी पेरेंट्स एनपीसीआई के यूपीआई सर्कल के माध्यम से अपने बच्चों को इनवाइट कर सकते हैं। इसके बाद पूरे यूपीआई नेटवर्क पर मंथली लिमिट अधिकतम 15000 रुपए और एक बार में इंडिविजुअल पेमेंट की लिमिट 5000 तक ते कर सकते हैं। यह सर्विस सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट दोनों तरह के अकाउंट पर अवेलेबल है। लेकिन इससे इंटरनेशनल पेमेंट और कैश विड्रोल करने पर पाबंदी होगी।


 स्पेंड समरी से पूरा बजट तय करें

 यह नया फीचर पेटीएम स्पेंड समरी के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड किया गया है। यह हर एक पेमेंट को ऑटोमेटेकली अलग-अलग कैटेगरी में खुद ही बांट देता है।

 इससे परिवार अपने खर्चों पर आसानी से नजर रख सकते हैं।और पॉकेट मनी के बजट को पूरी तरह से मैनेज कर सकते हैं। 


 सुरक्षा के लिए इनबिल्ट सेफ्टी मेजर 

 पेटीएम ने इस फीचर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फीचर एक्टिवेट होने के बाद शुरुआती 30 मिनट में केवल ₹500 और पहले 24 घंटे में केवल ₹5000 कहीं ट्रांजैक्शन किया जा सकता है। 

 किसी भी समय जरूरत पड़ने पर पेरेंट्स अपने पेटीएम यूपीआई पिन का इस्तेमाल करके खर्च की लिमिट को बदल सकते हैं। बच्चों का एक्सेस तुरंत कैंसिल कर सकते हैं। 


 क्या होता है यूपीआई सर्कल और इनबिल्ट सेफ्टी

 यूपीआई सर्कल -यह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया NPCI द्वारा शुरू की गई एक खास तकनीक है। जिसके तहत एक प्राइमरी बैंक अकाउंट होल्डर अपने परिवार के किसी ऐसे सदस्य को डिजिटल पेमेंट की अनुमति दे सकता है, जिसके पास अपना खुद का कोई बैंक अकाउंट नहीं है। इसमें पूरा कंट्रोल में अकाउंट होल्डर के पास ही रहता है।

 इनबिल्ट सेफ्टी - ऑनलाइन फ्रॉड या गलत ट्रांजैक्शन से बच्चों को बचाने के लिए अप्प के भीतर पहले से तय किए गए सुरक्षा नियम होते हैं। जैसे कि नए एक्टिवेशन पर शुरुआती लिमिट लगाना, इंटरनेशनल पेमेंट ब्लॉक रखना, और पेरेंट्स को सीधा यूपीआई पिन से पूरा एक्सेस ब्लॉक करने की पावर देना।





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